मंगलवार, 4 अगस्त 2020

भगवा: नीतू ठाकुर 'विदुषी'



नवगीत 
भगवा
नीतू ठाकुर 'विदुषी'
मापनी 16/14
 
धरणी पर हरियाली महकी
राज करेगा अब भगवा
इतिहास लिखे स्वर्णिम अक्षर
आगाज करेगा अब भगवा।।
1
अब राम नाम के अनुयायी 
हुँकार भरेंगे भारत में
रजत महल ये स्वर्ण जड़ित सा
निर्माण करेंगे भारत में
ये मौन साधना त्याग चुका
आवाज करेगा अब भगवा।।
राम नाम गूँजेगा नभ में
ऐसा पर्व मनाएंगे
सदियों का तम मिट जाएगा
इतने दीप जलाएंगे
राम लला घर लौटे अपने
नाज करेगा अब भगवा।।
 3
फट जाए दुश्मन की छाती
राम नाम जयकारों से
बाधक बन के खड़े रहे जो
दहकेंगे अंगारों से
दीवाली सी सजी अयोध्या 
गाज करेगा अब भगवा।। 
 
नीतू ठाकुर 'विदुषी'

गणतंत्र दिवस की कविता 2022

  मंत्र सदा गणतंत्र सिखाता नित उच्चारण करना है बीज हृदय कर रोपित समता  सबको धारण करना है।। दृढ़ संकल्पित व्रत जीवन का चलता जैसे सहगामी स्वाभि...