मंगलवार, 10 नवंबर 2020

मनहरण घनाक्षरी (कोरोना)

 


दो ही गज की हो दूरी

रक्षा करनी है पूरी

सावधानी रखनी है 

मास्क भी लगाइये।


कोरोना का रोना भारी

खतरों की है बीमारी

सबको ही बचना है 

रोग से बचाइये।


घर में ही वास करें

इच्छाओं को दास करें

जन जागृति जरूरी

भय को भगाइये


परीक्षा की है ये बेला

चीन ने खेला है खेला

एकता का मंत्र जप

शत्रु को हराइये


नीतू ठाकुर 'विदुषी'

चित्र बनते काव्य जो...विपदा @ नीतू ठाकुर 'विदुषी'

गुरुदेव संजय कौशिक 'विज्ञात' जी के मार्गदर्शन में कलम की सुगंध कुटुंब द्वारा आयोजित चित्राधारित काव्य प्रतियोगिता हेतु.... चित्र बनत...