मंगलवार, 10 नवंबर 2020

मनहरण घनाक्षरी (कोरोना)

 


दो ही गज की हो दूरी

रक्षा करनी है पूरी

सावधानी रखनी है 

मास्क भी लगाइये।


कोरोना का रोना भारी

खतरों की है बीमारी

सबको ही बचना है 

रोग से बचाइये।


घर में ही वास करें

इच्छाओं को दास करें

जन जागृति जरूरी

भय को भगाइये


परीक्षा की है ये बेला

चीन ने खेला है खेला

एकता का मंत्र जप

शत्रु को हराइये


नीतू ठाकुर 'विदुषी'

गणतंत्र दिवस की कविता 2022

  मंत्र सदा गणतंत्र सिखाता नित उच्चारण करना है बीज हृदय कर रोपित समता  सबको धारण करना है।। दृढ़ संकल्पित व्रत जीवन का चलता जैसे सहगामी स्वाभि...