मनमीत मै तेरा गीत बनूँ लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
मनमीत मै तेरा गीत बनूँ लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

सोमवार, 26 फ़रवरी 2018

मनमीत मै तेरा गीत बनूँ ....नीतू ठाकुर

मनमीत मै तेरा गीत बनूँ 
संगीत बने एहसास 
है मन में बस इतनी सी आस 
रहूँ मै हर पल तेरे पास 

दो नैनों की डोली में 
मै कितने ख्वाब सजा बैठी 
तेरे प्रीत में ऐसे रंगी 
सारे रंग भुला बैठी 
जब तक तन में साँस है बाकी 
तब तक है विश्वास 
                                                                             रहूँ मै हर पल तेरे पास  ..... 

अब न कोई राँझा है और 
ना है हीर दिवानी 
बरसों पहले ख़त्म हुई हैं 
प्रेम की अमर कहानी 
अपने अनुरागी मन का 
दुनिया न करे उपहास 
                                                                          रहूँ मै हर पल तेरे पास  ..... 

जनम जनम के बंधन में 
जब बंध बैठे दो मीत 
कभी न टूटे फिर वो नाता  
है ये जग की रीत 
किस्मत ने जोड़ा ये रिश्ता 
है हमको आभास 
                                                                            रहूँ मै हर पल तेरे पास  ...... 

विरह वेदना सह न सकेंगे 
एक पल भी खुश रह न सकेंगे 
तुम खुशियों की चाभी हो ये 
तुम से कभी हम कह न सकेंगे 
हर पल नैना तुझको ढूँढे 
तुम बिन रहें उदास 
                                                                               रहूँ मै हर पल तेरे पास  ..... 
             - नीतू ठाकुर 



पहलगाम का किस्सा पूछो : नीतू ठाकुर 'विदुषी'

 पहलगाम का किस्सा पूछो  मेंहदी लगी हथेली से । प्रिय के शव पर अश्रु बहाती  नव परिणीता अकेली से ।। धर्म पूँछकर लज्जित करते  तन पर निर्मम वार क...