हे परमपूज्य इंग्लिश मौसी
तुम विश्वमान्य, जगकल्याणी
तेरे चरणों का दास बना
इस युग का हर मानव प्राणी
तुम बनी ज्ञान की परिभाषा
हर अज्ञानी की अभिलाषा
फिर क्यों तेरी कृपा से वंचित
रहा दास अब तक प्यासा
मै कितना भी रट्टा मारूं
तुम होती मुझको याद नही
हे श्रेष्ठ जनों की मम देवी
क्यों सुनती तुम फरियाद नही
कर जोड़ करूँ तुमसे विनती
करना मुझ को बर्बाद नही
बिन तेरी छाया के मौसी
होता कोई आबाद नही
सच्ची निष्ठा मेरी तुझ पर
मन से तुझको अपनाऊंगा
अगर साध्य तुम्हें कर पाया तो
यह जीवन सफल बनाऊंगा
- नीतू ठाकुर
