बुधवार, 17 मार्च 2021

नेह का गणित...नीतू ठाकुर


 नेह का गणित

(मुक्तक)

मिले जो नेह की गिनती, दहाई पर अटक जाए।
जमा करलो घटा बेशक मगर उत्तर खटक जाए।
गणित के जाल में उलझे पहाड़ा प्रेम का झूठा।
चले दिन रात मन सीधा परीक्षा में भटक जाए।

नवगीत

*नेह का गणित*

भाग करता वेदना का
कष्ट फिर हर्षित हुआ है
ये जमा झंझट पटकता
फोड़ सिर चर्चित हुआ है।।

शून्य से करती गुणा है
हर खुशी को भाग्य रेखा
व्याधियों में स्थित दशमलव
हर घड़ी बढ़ते ही देखा
शून्य सा संसार मेरा
मौन पर गर्वित हुआ है

मूलधन पूरा बचा है
ब्याज में साँसे मिटी हैं
जिंदगी के इस गणित में
सिर्फ खुशियाँ ही घटी हैं
प्रश्न अनसुलझे खड़े हैं
सार ये गर्भित हुआ है

भूमिती सिद्धांत पाकर
ये गणित भी नित्य फलता
वर्ग जब देखे त्रिभुज को
वृत्त को ले साथ चलता
दे विफलता सूत्र भूले
नेह आकर्षित हुआ है।।

नीतू ठाकुर 'विदुषी'

19 टिप्‍पणियां:

  1. गणित में कविता नहीं होती
    तो कविता में गणित ला दिया
    वाह बहुत सुंदर, अच्छा प्रयास, एक अद्भुद सृजन,
    सम्भव है अब होली के रंगों तथा दीपावली के दीपों में भी गणित दिखाई दे।
    एक प्रशंसनीय रचना सदैव स्मृति पटल पर खड़ी रहने वाली रचना
    बधाई 💐💐💐

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    1. सादर प्रणाम गुरुदेव 🙏
      स्नेहाशीष बनाये रखिये 🙏🙏

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  2. वाह
    गणित और कविता का सुंदर संयोजन...

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  3. आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" ( 2071...मिले जो नेह की गिनती, दहाई पर अटक जाए। ) पर गुरुवार 18 मार्च 2021 को साझा की गयी है.... पाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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  4. शून्य से करती गुणा है
    हर खुशी से भाग्य रेखा
    शून्य सा संसार मेरा
    मौन पर गर्वित हुआ.... वाह जीवन का गणित बहुत खूब‌

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  5. क्या ज़बरदस्त प्रयोग किया है गणित का अनेक रूपकों में . और हर रूपक सटीक विश्लेषण कर रहा ...
    इतनी सुन्दर रचना के लिए निश्चय ही बधाई की पात्र हैं .

    कष्ट कहाँ करता है भाग
    वेदना को द्विगुणित करे
    गुणा कर खुशियों को शून्य से
    खुशियों को भी फिर शून्य करे .
    जो भी घटा जमा करो
    नेह का मन में भाव रखना
    एक संग फिर शून्य रख कर
    दस गुणा हिसाब रखना .

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  6. बहुत सुंदर सृजन।
    सादर प्रणाम 🙏

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  7. वाह!प्रिय नीतू जी ,गणित और कविता का अद्भुत संगम 👌👌👌

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