रविवार, 20 जनवरी 2019

मै ग़ज़ल हूँ तेरी .....नीतू ठाकुर


मै ग़ज़ल हूँ तेरी गुनगुनाया करो 
अपने अधरों पे हमको सजाया करो 
तेरे खामोश दिल की मै आवाज हूँ 
गीत में सिसकियाँ ना मिलाया करो 

धड़कनें जब हमें तुम सुनाया करो
पास आकर न  तुम दूर जाया करो 
तेरी चाहत हूँ मै आजमाते हो क्यों 
तुम मेरे हो तो हक़ भी जताया करो  

वक़्त बेवक़्त ना याद आया करो 
दिल ये नादान है ना सताया करो 
मै तेरी कुछ नही तू मेरी ज़िंदगी 
जान हो जान को ना रुलाया करो 

प्यार हमसे भले तुम न जादा करो 
छोड़ने का कभी ना इरादा करो 
राधिका बन के मै राह तकती रहूँ 
कृष्ण जैसा कोई भी ना वादा करो 

रूठ जाऊँ अगर तो मनाया करो 
भूल कर हर खता लौट आया करो 
इश्क की दास्तानें सुनाते हो क्यों 
इस कदर दिल को तुम ना जलाया करो 

अपनी नजरों से हमको छुआ मत करो 
इश्क़ है एक खता ये खता मत करो 
मै पराई हूँ क्यों भूल जाते हो तुम 
पास रहने दो दिल को जुदा मत करो 

      - नीतू ठाकुर 

20 टिप्‍पणियां:

  1. प्रिय नीतू जी प्रेम को दर्शाती बहुत ही सुन्दर रचना 👌
    सादर

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  2. वाह बहुत सुन्दर सखी नीतू जी कमाल लिखा है भाव और संरचना सब बहुत सुंदर।

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  3. आपकी लिखी रचना "मित्र मंडली" में लिंक की गई है. https://rakeshkirachanay.blogspot.com/2019/01/105.html पर आप सादर आमंत्रित हैं ....धन्यवाद!

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  4. प्रेम रंग में सरबोर ,बड़ी प्यारी रचना...सादर स्नेह.. नीतु जी

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  5. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (22-01-2019) को "गंगा-तट पर सन्त" (चर्चा अंक-3224) पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    --
    उत्तरायणी की
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  6. वाह्ह्ह वाह्ह्ह... बेहद लाज़वाब रचना...
    बहुत दिन बाद आपकी रचना पढ़ी...आनंद आ गया...भावपूर्ण सुंदर सृजन👌👌

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  7. सहज प्रेम के नाज़ुक भाव को बाख़ूबी लिखा है इस गीत में ...
    लाजवाब रचना ...

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  8. प्रेम से परिपूर्ण बहुत ही सुंदर रचना,नीतु दी।

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  9. आपकी लिखी रचना आज "पांच लिंकों का आनन्द में" बुधवार 23 जनवरी 2019 को साझा की गई है......... http://halchalwith5links.blogspot.in/ पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!



    .

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  10. प्यार कभी पराया नहीं होता...
    ये ठीक वैसे ही है जेसे बदन बदल जाते हैं लेकिन रूह वही रहती है.
    राहत साब फरमाते हैं कि इश्क खता है तो ये खता
    एक बार नहीं सो बार करो.
    बहुत शानदार लेखन है आपका.
    पधारिये- ठीक हो न जाएँ 

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  11. वाह!!!
    बहुत सुन्दर, उत्कृष्ट सृजन...

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  12. बहुत बहुत ही प्यारी रचना

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  13. वाह आदरणीया दीदी जी बहुत सुंदर रचना

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  14. भावनाओं के सागर में प्रेम की नाव, बहुत सुंदर रचना।

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  15. बहुत ही लाजवाब बेहतरीन रचना
    वाहः वाहः

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