google-site-verification: google596994c475cff8d2.html MAN SE- Nitu Thakur : इस डायरी में मेरे हजारों ख्वाब है.... -नीतू ठाकुर

गुरुवार, 14 दिसंबर 2017

इस डायरी में मेरे हजारों ख्वाब है.... -नीतू ठाकुर

दिल के हर एहसास को 
पन्नों पर उतारा है 
शब्दोँ के मोती से 
उसको संवारा है 
इस डायरी में मेरे 
हजारों ख्वाब है
दिल में उठे हजारों 
सवालों के जवाब है 
कहीं गम के बादल हैं 
कहीं खुशियों की बरसात है 
कहीं उम्मीद का सूरज है 
कहीं मायूसी भरी रात है 
कहीं है जुदाई 
कहीं मुलाकात है 
किसी से न कह पाये 
वो अनकही बात है 
यादों के हर पल को 
इन पन्नों में छुपाया  है 
पढ़ कर उन लम्हों को 
ये दिल मुस्कुराया है 
           
-नीतू ठाकुर 

8 टिप्‍पणियां:

  1. पन्ने कागज़ के हों या दिल के ... यादें इन्हें हमेशा सुनहरा रखेंगी ...

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    1. बहुत बहुत आभार लेखन सार्थक हुआ।

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  2. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (15-12-2017) को
    "रंग जिंदगी के" (चर्चा अंक-2818)

    पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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    उत्तर
    1. बहुत बहुत आभार लेखन सार्थक हुआ।

      हटाएं

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